Site icon Help Hindi Me

Hindi Poetry on Ganesh Chaturthi

Last updated on: October 21st, 2021

Hindi Poetry on Ganesh Chaturthi | गणेश चतुर्थी पर हिंदी कविता | Hindi Kavita | Hindi Poem

Hindi Poetry on Ganesh Chaturthi | गणेश चतुर्थी पर हिंदी कविता

शिव गौरी पुत्र,अस्थिर अति चंचल,
अनगिनत रूप, अनगिनत नाम।
अतुल्य मनमोहक, मनोरम छवि,
आकृति अनोखी गज सामान।।

परम शक्तिशाली, अद्भुत स्वरूप,
विराट, सम्राट, असीम विवेकशील।
हर नाम यथार्थ, सार्थक,
सुमुख विकट लंबोदर व कपिल।।

हर शुभारंभ जिनकी स्तुति से,
हर उद्घाटन उनके नाम से।
माता-पिता की परिक्रमा ही है तीर्थ,
तुलना में चारों धाम के।।

अपने ज्ञान की ज्योति से,
दूर किया अज्ञानता के अंधेर को।
तोड़कर अहंकार भौतिक सुखों का,
दंभ मुक्त किया कुबेर को।।

उनकी लीला व जीवनकाल की प्रेरणा,
भक्तों के सदा समक्ष है,
ज्ञान अमृत का स्रोत है धूम्रकेतु,
सर्वव्यापी गणाध्यक्ष है।। 

जीवन में स्फूर्ति का संचार,
सुख समृद्धि जैसे अनंत है।
वह न्यायप्रिय न्यायाधीश,
वह गणपति बप्पा, एकदंत है।।

मनमोहक प्रतिमा, अप्रतिम छवि,
सूरत इतनी प्यारी है।
महा प्रतापी, सर्वप्रिय व ज्ञानी,
मूषक इनकी सवारी है।।

वह विजय की अडिग नींव,
द्वेष,नकारात्मकता का समापन है।
गजकर्ण हमारे अद्वितीय अनुपम,
वह भालचंद्र, विघ्ननाशक गजानन है।

Author:

Aaradhana Priyadarshani

प्रो.आराधना प्रियदर्शनी
स्वरचित व मौलिक
हजारीबाग, झारखंड

हे विघ्नहर्ता

हे गणपति
गणपति गणेश

हे संकटहर्ता हे विघ्नहर्ता
हे विघ्न विनाशक गणपति बप्पा

अब आप आ ही गये हो तो
हमारा भी कल्याण करो

हार रहा है अब प्राणी
हे लम्बोदर कुछ तो ख्याल करो

हे एकदंत हे सिद्ध विनायक
जन जन का अब उद्धार करो

हे रिद्धि सिद्धि के दाता
अब नहीं सूझता मार्ग कोई

हे गणाधीश हे शिव सपूत
अब तुमको ही कुछ करना होगा,

कोरोना के संकट को अब
हे शक्ति पुत्र हरना होगा।

अक्षत चंदन रोली पुष्पों संग
हाथ जोड़ हम विनय करें,

अपने बच्चों के खातिर बप्पा प्रभु
तुम्हरे मूसल की मार से ही अब
कोरोना को मरना होगा।

हरतालिका तीज पर कविता

अगर आप की कोई कृति है जो हमसे साझा करना चाहते हो तो कृपया नीचे कमेंट सेक्शन पर जा कर बताये अथवा contact@helphindime.in पर मेल करें.

कृपया कविता को फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और whats App पर शेयर करना न भूले, शेयर बटन नीचे दिए गए हैं। इस कविता से सम्बंधित अपने सवाल और सुझाव आप नीचे कमेंट में लिख कर हमे बता सकते हैं।

Author:

Sudhir Shrivastava

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.

Exit mobile version