HINDI KAVITA: आबोहवा

आबोहवा

शहर की आबोहवा
बहुत खराब है साहब,
बाहर निकलिए तो
जरा सावधान रहिए,

अपने आसपास तो
पैनी निगाह रखिए,
जाने कौन किधर से
गिद्ध बन टूट पड़े,

तब आप भौचक्के
रह जायें खड़े खड़े।
अच्छा है आबोहवा का
आंकलन कर लीजिए
बैंक से पैसे निकालना है
तो सावधानी जरूरी है,

बेटी को स्कूल भेजना जरूरी है
पर उसे सावधानी, सतर्कता की
सीख देना और भी जरूरी है।
सड़क पर निकलना जरूरी है
मगर बचाव खुद जरूरी है,

जाने कब कौन किधर से
ठोक कर चला जाये।
आबोहवा का हाल बुरा है
तो क्या करें साहब,
अब तो इसी हाल में
रहना भी मजबूरी है।

अगर आप की कोई कृति है जो हमसे साझा करना चाहते हो तो कृपया नीचे कमेंट सेक्शन पर जा कर बताये अथवा contact@helphindime.in पर मेल करें.

यह कविता आपको कैसी लगी ? नीचे 👇 रेटिंग देकर हमें बताइये।

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...

कृपया फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और whatsApp पर शेयर करना न भूले 🙏 शेयर बटन नीचे दिए गए हैं । इस कविता से सम्बंधित अपने सवाल और सुझाव आप नीचे कमेंट में लिख कर हमे बता सकते हैं।

Author:

सुधीर श्रीवास्तव
शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल
बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002