अनुशासन

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अनुशासन पर निबंध | Essay on Discipline

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“अनुशासन सेना की आत्मा है। यह छोटी संख्या को भयंकर बना देती है; कमजोरों को सफलता और सभी को सम्मान दिलाती है।” – जॉर्ज वॉशिंगटन

Discipline ka Hindi = अनुशासन

अनुशासन का हमारे जीवन में बहुत ही महत्व होता है। जीवन में कुछ भी प्राप्त करने के लिए उसमें अनुशासन का होना बहुत ही आवश्यक है। अनुशासन हर जगह महत्वपूर्ण है, फिर वह शिक्षा प्राप्त के समय हो या कार्यालय हो, खेल हो, या फिर घर हो।

आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में यदि हमें अपने सभी कार्यों व पर्सनल लाइफ में संतुलन बनाए रखना है तो जीवन में अनुशासन का पालन करना बहुत ही आवश्यक है। एक अनुशासित जीवन जीने वाला व्यक्ति सदा सुखी व उसका मन शांतिपूर्ण रहता है।

अनुशासन का अर्थ (Discipline definition)

अनुशासन(Discipline meaning in Hindi) दो शब्दों से मिलकर बना है- अनु और शासन। अनु का अर्थ होता है अनुकरण या पालन करना और शासन का अर्थ नियम होता है।

अनुशासन का अर्थ है कोई भी कार्य नियमों मे रहकर करना। अनुशासन की आवश्यकता किसी निश्चित समय पर या निश्चित कार्य के लिए नहीं बल्कि दिन शुरू होने से खत्म होने तक किसी भी कार्य को सफलतापूर्वक करने के लिए अनुशासन चाहिए होता है।

माधव सदाशिव गोलवलकर के शब्दों मे- “जब शरीर, मन तथा बुद्धि तीनों का सामंजस्य होता है सबकी शक्तियां एक दूसरे के साथ सुव्यवस्था से काम करने लगती हैं तब उसे अनुशासन कहते हैं।”

अनुशासन का जीवन में महत्व (Importance of discipline in life)

यदि हमें जीवन में सफल होना है तो उसके लिए अनुशासन का होना बहुत ही आवश्यक है। जब हमारे जीवन में अनुशासन होगा तो हम सभी काम को सही तरीके और सही समय के अंदर पूरा कर पाएंगे।

दुनिया में जितने भी विकसित देश हैं उनके तरक्की का जो रहस्य है वह अनुशासन ही है। इसके साथ ही विश्व भर में जितने भी महान पुरुष है उन्होंने अनुशासन को अपने जीवन में हमेशा प्राथमिकता दी है। उनका अनुशासन ही उन्हें आम लोगों से अलग बनाता है।

विद्यार्थी के जीवन में अनुशासन का अत्यधिक महत्व होता है। कोई भी व्यक्ति अपने विद्यार्थी जीवन के दौरान सीखी गई चीजों को सदैव याद रखता है। यदि इस आयु में उसके अंदर अनुशासन आ जाए तो वह उसके आने वाले जीवन को सफल बना देगा।

अनुशासन व्यक्ति के अंदर शिष्टता, सज्जनता और विनय पैदा करता है। अपने जीवन में अनुशासन को लागू करने वाला व्यक्ति एक संतुलित जीवन जीता है। वह अपने काम और निजी जीवन की जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाता है।

अनुशासन के प्रकार (Discipline Types)

प्राकृतिक अनुशासन- प्राकृतिक अनुशासन वह अनुशासन होता है जो व्यक्ति के अंदर स्वयं आता है, यानी यह उसे कोई अन्य व्यक्ति नहीं सिखाता। इस अनुशासन के अनुसार बालक को स्वयं अपने अनुभव के आधार पर अपने जीवन में अनुशासन लाना चाहिए।

अधिकारिक अनुशासन- आधिकारिक अनुशासन वह अनुशासन होते हैं जो हमारे बड़ों द्वारा बनाए जाते हैं और जिनका हमें पालन करना होता है। जिस प्रकार एक परिवार में माता-पिता के द्वारा बनाए गए अनुशासन को घर के बच्चों को पालन करना होता है या विद्यालयों, पुस्तकालयों, कार्यालय आदि स्थनों पर बनाए गए अनुशासन में रहना पड़ता है।

सामाजिक अनुशासन- सामाजिक नियमों का पालन करना सामाजिक अनुशासन कहलाता है। सामाजिक अनुशासन हमें सामाजिक प्रशंसा, निंदा या क्रोध पर नियंत्रण करना सिखाता है।

व्यक्तित्व अनुशासन- जब मनुष्य अपनी सभी भावनाओं में संतुलन करना सीख जाता है तो वह आत्म नियंत्रित हो जाता है। मनुष्य का विवेक उससे अच्छे और बुरे कार्य में अंतर समझाता है।

प्रभाव आत्मक अनुशासन- जो अनुशासन हमें दूसरों से प्रभावित होकर मिलते हैं वह भावात्मक अनुशासन कहलाता हैं। मां-बाप और अध्यापक के विचार और आदर्श जब बच्चों पर अपना प्रभाव डालते हैं और बच्चे उनका अनुसरण करते हैं, और स्वयं भी वैसा बनने का प्रयत्न करते हैं वह प्रभाव आत्मक अनुशासन हैं।

व्यावसायिक अनुशासन- किसी भी व्यक्ति को अपनी व्यवसायिक जीवन में कुछ अनुशासन का पालन करना पड़ता है, जिससे उसका व्यवसाय सफलतापूर्वक चलता है।

अनुशासन का लाभ (Benefits of discipline/Why discipline is important)

Discipline is the key to success

अनुशासन का हमारे जीवन पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता है। एक सफल और सुखी जीवन जीने के लिए अनुशासन बहुत ही आवश्यक है।

अनुशासन आने से हमारे जीवन में अच्छी आदतें आती है जिससे हमारा स्वास्थ्य अच्छा होता है। अच्छे अनुशासन में नियमित रूप से व्यायाम करना, अच्छा भोजन करना व अपनी सेहत को प्राथमिकता देना आता है।

अनुशासन हमें किसी भी कार्य में एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। हम अपने लक्ष्य के प्रति पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं।

एक अनुशासित व्यक्ति समाज के लिए एक प्रेरणा होता है और उसे सभी से सम्मान प्राप्त होता है। यदि कोई व्यक्ति अनुशासित होता है तो वह अपना प्रभाव दूसरों पर डालता है। लोग उसके अनुशासन को अपने जीवन में लागू करना चाहते हैं।

अनुशासन हमें स्वयं पर आत्म नियंत्रण रखने की शक्ति प्रदान करता है। खुशी हो या दुख हम सभी प्रकार के भावनाओं में संतुलन करना सीख जाते हैं। कब किस व्यक्ति से कैसा व्यवहार करना है यह अनुशासन से ही आता है।

जीवन में अच्छे अनुशासन के कारण हम अपने सभी काम सफलतापूर्वक और समय के अंदर कर सकते हैं। एक अनुशासित व्यक्ति आलस्य से कोसो दूर रहता है और अपने सभी काम को समय रहते पूरा करता है।

एक अनुशासित व्यक्ति अपने जीवन में सुखी व संतुष्ट रहता है। वह अपनी सभी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निर्वहन करता है।

उपसंहार (Conclusion)

अनुशासन प्राचीन काल से चला आ रहा है। युद्ध का मैदान हो या फिर भारत को आजादी दिलाने का प्रारंभ, यह सभी एक अच्छे अनुशासन का नतीजा है। हम जब भी कोई काम अनुशासन में रहकर करते हैं तो वह काम पूरी अपने समय में और सफलतापूर्वक पूरा होता है।

यदि कोई व्यक्ति बिना अनुशासन के कोई भी काम करता है तो उसे जीवन में बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

अनुशासन कोई सजा या कोई कड़ा नियम नहीं है बल्कि यह हमारे जीवन को निखारता है या हमें एक सुखी और सफल जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है। अपने जीवन में धीरे-धीरे अनुशासन को उतारना बहुत ही आवश्यक है जिसके बाद हम स्वयं ही अपने आप में एक अच्छा बदलाव महसूस करेंगे।

अनुशासन के महत्व के बारे में हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी ने सही ही कहा है-

“अनुशासन केवल सैनिक के लिए नहीं होता है बल्कि जीवन के हर क्षेत्र के लिए होता है”।

Author:

आयशा जाफ़री, प्रयागराज