HINDI KAVITA: Happy Holi

Last updated on: March 28th, 2021

Table of Contents

🙏🏼🌹Happy Holi🌹🙏🏼

कब तक हम गरीब अमीर
की पहचान को छुपाएगे,
मिल झुल कर होली,
साथ साथ हम मनाएगे,

स्नेह की गुलाल लगा कर
आपसी भैद भावको मिटाएगे,
मिल झुल कर होली
साथ साथ हम मनाएगे,

लाल,पिला हरा नीला,गुलाबी,
कलर हम लगाएगे,
मिल झुल कर होली
साथ साथ हम मनाएगे,

फटें पुराने कपड़ो मै कई
चेहरे नजर आएगे,
मिल झुल कर होली
साथ साथ हम मनाएगे,

भुत भभिलें चेहरे देखकर आप
भी चक्कित हो जाएगें,
मिल झुल कर होली
साथ साथ हम मनाएगे,

बिछड़ते बिछड़ते अनहोनी
को होनी हम कर जाएगे,
मिल झुल कर होली
साथ साथ हम मनाएगे।

Author:

चन्द्र प्रकाश रेगर (चन्दु भाई), नैनपुरिया
पो., नमाना नाथद्वारा, राजसमदं

HINDI KAVITA: राम मंदिर

होली

होली आई होली आई
रंगो का त्योहार लाई।
ईष्या द्वेश भूलकर,
मिल जूलकर रहने की,
बहार लाई।

होली का है अजब त्योहार,
हम सब मिलकर करे बिचार।
रंग, गुलाल, अब्बीर लगाए,
खुशियो का त्योहार मनाएं।

होली मे अबकी बार,
सब से करे प्यार।
नये-नये कपडे पहने,
होली का करे इजहार।

अबकी बार इस होली मे,
चाइनिज बस्तुओ का करे बहिस्कार।
प्रकृतिक रंगो का करे प्रायोग ,
कोरोना से बचने का करे प्रयास ।

होली का त्योहार है,
खुशियो का बहार है।
पुआ पकवान खुब खाये,
होली का त्योहार मनाये।


होली आई होली आई,
पिचकारी मे रंग भर लाई।
छोटे बडो को अब्बीर लगाये,
संस्कारी होने का आभास दिलाये।

Author:

अशोक कुमार
न्यू प्राथमिक विद्यालय भटवलिया
नुआंव कैमूर

HINDI KAVITA: जीवन उत्सव है

कहाँ है होली

होली की सुबह सुबह
भाभीजी ने
सोते हुए ही मुझे रंग डाला,
मैं तिलमिलाया
थोड़ा झल्लाया,
पर बोल नहीं पाया।

उससे पहले ही भाभी ने फरमाया,
बुरा न मानो होली है
रंग बिरंगी होली है।
मैं भी कुढ़कर बोला
कहाँ है होली?

आपकी बहन तो
अभी तक कहाँ बोली?
कि आज होली है।
फिर कैसे बुरा न मानूं?

या कैसे मान लूँ होली है?
वो भी रंग बिरंगी होली है?

HINDI KAVITA: नारी सम्मान

काश

कैसा ये हुड़दंग मचा है
गाँव शहर हर ओर,
गाँव गली हर डगर डगर
अंजाना सा शोर।

मस्त हैं अपने में सब
जब से हुआ है भोर,
उछलकूद रहे हैं सारे
बूढ़े बच्चे मोर।

नहीं किसी की उत्सुकता का
जैसे कोई छोर,
एकदूजे को करता जाता
रंगों से सराबोर।
जैसे आज मिटा देंगे
हर ऊँच नीच की दीवारें,
एक जगह लाकर छोड़ेंगे
हम सबकी दीवारें।

काश। हमारी ये मंशा
हो जाती यदि पूरी,
सुख की नींद हम सो पाते
अपना पाँव पसारे।

HINDI KAVITA: नदी की वेदना

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आपको व आपके परिवार को होली दहन की शुभकामनाएं । 

Author:

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा(उ.प्र.)