HINDI KAVITA: मैं भारत की बेटी हूँ

मैं भारत की बेटी हूँ

भारत माता हैं माँ मेरी
पिता हिंदुस्तान को कहती हूँ
भारतीय संस्कृति मेँ देश भक्ति का
मैं संकल्प ये लेती हूँ
हाँ मैं भारत की बेटी हूँ
हाँ मैं भारत की बेटी हूँ 🤷‍♀️

मातृभूमि की सरज़मी पर
बनकर चंदन धूल सी उड़ती हूँ
कितने भी हों कठिन मार्ग
कर्तव्यों से न मुड़ती हूँ
बनकर पावन नदियों की लहरों सी
धारा प्रवाह मैं बहती हूँ

नजरें जो उठें कभी देश पर मेरी
तो कभी नहीं मैं सहती हूँ
भारत माता हैं माँ मेरी
पिता हिंदुस्तान को कहती हूँ
भारतीय संस्कृति की देश भक्ति
के सम्मान का संकल्प मैं लेती हूँ
है गर्व मुझे देश पर मेरे
हाँ मैं भारत की बेटी हूँ,

भारतीय संस्कृति की धरोहर से
बनता ये देश महान है
सारे जहाँ से अच्छा
कहलाता मेरा हिंदुस्तान है
देश भक्त हिन्दुस्तानियों से
अनमोल भरी इक खान है
कितना ही करलो चाहे
पड़ जाता कम गुणगान है
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा
खड़ा यूँ सीना तान है

भारत देश का गौरव है
आन बान और शान है
है मुझको मेरे प्राणों से प्यारा
देश का मेरे स्वाभिमान है
प्रेम एकता भाई चारे का
सबको संदेश ये देती हूँ
है गर्व मुझे देश पर मेरे
हाँ मैं भारत की बेटी हूँ
हाँ मैं भारत की बेटी हूँ 🤷‍♀️

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सोनल उमाकांत बादल , कुछ इस तरह अभिसंचित करो अपने व्यक्तित्व की अदा, सुनकर तुम्हारी कविताएं कोई भी हो जाये तुमपर फ़िदा 🙏🏻💐😊