Hindi Poetry Sapne

Hindi Poetry Sapne
Hindi Poetry Sapne | हिंदी कविता सपने | Hindi Kavita | Hindi Poem

Hindi Poetry Sapne | हिंदी कविता सपने

सपने देखिये
सपने देखना अच्छी बात है,
पर सपनों को पंख भी दीजिए
उड़ने के लिए खुला आकाश दीजिए।
सपनों को दायरे में न बाँधिए
खुलकर परवाज करने दीजिये,

सपने भी हकीकत बनते हैं
बस! उन्हें फलने फूलने का
आधार तो दीजिये।
कौन कहता है
सपने सिर्फ सपने होते हैं
हकीकत से मीलों दूर होते हैं,
सपनों को खुली आँँखों से
देखना तो सीखिये।
एक बार सिर्फ़ और सिर्फ़
सपनों को हकीकत में
सच करने का जुनून तो कीजिए।

रक्तदान, नेत्रदान, अंगदान ही नहीं
देहदान का सपना तो पालिए,
सपने सच हो जायेंगे
मेरी तरह आप भी बस एक बार
तनिक हौसला तो कीजिये,
मरकर भी जीवित रहने का
फैसला भर कीजिये।

विश्वास कीजिए
सपने हकीकत बन जायेंगे,
मरने के बाद भी आप
संसार में जिंदा रह जायेंगे,
सूक्ष्म शरीर से ही सही
नाम ही नाम कमायेंगे
आपके गुण गाये जायेंगे।

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Author:

Sudhir Shrivastava
Sudhir Shrivastava

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.