History of Andhra Pradesh in Hindi

Last updated on: October 1st, 2021

History of Andhra Pradesh in Hindi
Pic: Charminar, Hyderabad
History of Andhra Pradesh & Interesting Facts in Hindi | आंध्र प्रदेश का इतिहास और रोचक तथ्य

History of Andhra Pradesh & Interesting Facts in Hindi | आंध्र प्रदेश का इतिहास और रोचक तथ्य

आंध्र प्रदेश भारत के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है। यह भारत के समृद्धिशाली राज्यों में से एक माना जाता है। आंध्र प्रदेश जैसा खूबसूरत राज्य कई ऐतिहासिक इमारतों, प्राकृतिक स्थलों और समुद्र के बीच घिरा हुआ है। आइए जानते हैं आंध्र प्रदेश के बारे में कुछ बातें:-

आंध्र प्रदेश का इतिहास (History of Andhra Pradesh)

आंध्र प्रदेश का उल्लेख ऋग्वेद और महाभारत के प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में मिलता है। ऋग्वेद की ऐतरेय ब्राह्मण शाखा के मुताबिक पहले आंध्र नामक एक जाति पाई जाती थी जो उत्तर भारत से दक्षिण भारत की ओर चली गई थी। मौजूदा समय में आंध्र का नाम इसी आंध्र जाति के नाम पर रखा गया था।

ऐतिहासिक दृष्टि से देखे तो आंध्र प्रदेश में कई लोगों ने शासन किया जब भारत 1947 में आजाद हुआ तब हैदराबाद के निजाम ने भारत के साथ मिलने में आनाकानी की। हालांकि राज्य की जनता भारत से अलग होना नहीं चाहती थी जिसके परिणामस्वरूप सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा ऑपरेशन पोलो चलाया गया। तब जाकर आंध्र प्रदेश भारत का हिस्सा बना।

भारत के साथ एक राज्य के रूप में आंध्र प्रदेश का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। साल 2014 में तेलंगाना अलग राज्य के रूप में स्थापित हुआ जिसके बाद हैदराबाद, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों की संयुक्त राजधानी मानी गई।

आंध्र प्रदेश की जनसंख्या (Population of Andhra Pradesh)

आंध्र प्रदेश की कुल जनसंख्या 4,9386,799 है। जिनमें पुरुषों की जनसंख्या 2,47,38,067 है। वहीं महिलाओं की जनसंख्या 2,46,48,751 है। आंध्र प्रदेश का कुल क्षेत्रफल 162,975 वर्ग किलोमीटर है। साल 2011 के आंकड़ों की मानें तो आंध्र प्रदेश के जिलों में साक्षरता दर 67 फ़ीसदी है।

आंध्र प्रदेश के जिले (Districts of Andhra Pradesh)

आंध्र प्रदेश में कुल 13 जिले हैं। क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा जिला कर्नूल और सबसे छोटा जिला श्रीकाकुलम है। वही जनसंख्या के आधार पर पूर्वी गोदावरी सबसे बड़ा जिला है और विजयनगरम सबसे छोटा।

आंध्र प्रदेश की जलवायु (Climate of Andhra Pradesh)

आंध्र प्रदेश की जलवायु गर्म और नम होती है। यहां मार्च से जून तक गर्मी का मौसम होता है जिस दौरान तापमान काफी ज्यादा होता है। गर्मियों के दौरान यहां का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस तक हो सकता है।

कुछ स्थानों पर यह 45 डिग्री तक भी पहुंच जाता है। जुलाई से सितंबर के बीच आंध्र प्रदेश में बारिश का मौसम होता है। जब अक्टूबर का महीना आता है तब यहां ठंड पड़ती है। अक्टूबर से फरवरी के बीच आंध्र प्रदेश में सर्दी का मौसम रहता है। सर्दियों में आंध्र प्रदेश का तापमान 13°C से 30°C तक रहता है।

आंध्र प्रदेश की भाषा (Official Language of Andhra Pradesh)

आंध्र प्रदेश की राजभाषा तेलुगु है जो कि यहां के 88.5 फ़ीसदी जनसंख्या द्वारा बोली जाती है। आपको बता दें, भारत की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में तेलुगु भाषा का तीसरा स्थान है। वहीं आंध्र प्रदेश में उर्दू भाषा 8.63%, हिंदी 0.63% व तमिल 1.01% लोगों द्वारा बोली जाती है। साल 2008 में भारत सरकार द्वारा तेलुगु को शास्त्रीय और प्राचीन भाषा के रूप में दर्ज किया गया था।

इसके अलावा आंध्र प्रदेश के दक्षिण क्षेत्र में तमिल भाषा बोली जाती है। वहां कर्नाटक के कन्नड़ भाषी लोग भी निवास करते हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में मराठी, उड़िया, गोंडी, मलयालम, गुजराती, सावरा, कोया पंजाबी, कॉलमी, गडबा, सिंधी जैसी भाषाएं बोली जाती हैं।

आंध्र प्रदेश में आपको अलग-अलग धर्मों के मिले-जुले त्यौहार देखने को मिलेंगे। यहां हिंदू त्योहार दीपावली, कृष्ण जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि, दशहरा आदि मनाए जाते हैं। वही मुस्लिमों के त्यौहार यानी कि बकरी ईद, ईद उल फितर और ईसाइयों के त्यौहार क्रिसमस, ईस्टर आदि बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। आंध्र प्रदेश राज्य में कुछ विशिष्ट त्यौहार जैसे तेलगु नव वर्ष उगाडि, संक्रांति, दशहरा भी मनाए जाते हैं।

आंध्र प्रदेश की साक्षरता दर (Literacy Rate of Andhra Pradesh)

साल 2011 में की गई जनगणना के मुताबिक आंध्र प्रदेश की साक्षरता दर 67.4% है। यहां कई सरकारी और निजी स्कूल है जो कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, आईसीएसई और राज्य बोर्ड से सम्बद्ध है। स्कूलों के अलावा आंध्र प्रदेश में कई उच्च शिक्षण संस्थान भी मौजूद हैं। इनमें शोध केंद्र, विश्वविद्यालय आदि शामिल हैं। सरकार द्वारा स्थापित शोध संस्थानों में राष्ट्रीय परमाणु अनुसंधान केंद्र, स्कूल आफ प्लैनिंग एंड आर्किटेक्चर मुख्य है।

आंध्र प्रदेश की कृषि (Agriculture of Andhra Pradesh)

आंध्र प्रदेश में कृषि से राज्य को आय की प्राप्ति होती है। राज्य के 62 फ़ीसदी हिस्से में खेती की जाती है। यहां चार महत्वपूर्ण नदियां गोदावरी, कृष्णा, पेन्ना और तुंगभद्रा है जो राज्य में सिंचाई करने का काम करती हैं। आंध्र प्रदेश में कई स्थानीय फसलें उगाई जाती है जिनमें चावल, गन्ना, काली मिर्च, कपास, आम और तंबाकू प्रमुख है। यहां चावल का उत्पादन 77 फीसदी भाग पर किया जाता है।

इसके अलावा राज्य का 23 फ़ीसदी हिस्सा सघन घने जंगलों से घिरा हुआ है जहां सागवान, यूकेलिप्टस, काजू और इमारती लकड़ियों की उपलब्धता होती है।

आंध्र प्रदेश का खानपान (Traditional Food of Andhra Pradesh)

ऐसा कहा जाता है कि आंध्र प्रदेश का भोजन अन्य भारतीय भोजनों के मुकाबले ज्यादा मसालेदार होता है। यहां के व्यंजनों में आपको भौगोलिक क्षेत्र, परंपरा, जाति के आधार पर भिन्नताएं नजर आएंगी। आंध्र प्रदेश के खाने में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है यहां की अचार व चटनी। जिसे तेलुगु भाषा में पच्चडी के नाम से जाना जाता है। यहां टमाटर, बैंगन, अंबाडा जैसी कई सब्जियों के इस्तेमाल से चटनियां बनाई जाती है।

आंध्र प्रदेश का मुख्य भोजन चावल है जिसे अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है। यहां चावल या तो उबाला जाता है या फिर सब्जी के साथ खाया जाता है या फिर इससे लपसी बनाई जाती है। लपसी चावल और मूंग दाल के मिश्रण से बनाया जाता है जो बहुत ही पतला होता है।

हैदराबाद की पाकशाला मुसलमानों से प्रभावित है। यहां खुशबूदार स्वादिष्ट खाना बनाया जाता है। वही मांसाहारी भोजन में मुर्गी, मछली, बकरे का मीट सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है। हैदराबाद के खाने में सबसे ज्यादा लोकप्रिय यहां की हैदराबादी बिरयानी है।

आंध्र प्रदेश का नृत्य (Traditional Dance of Andhra Pradesh)

आंध्र प्रदेश के शास्त्रीय नृत्य को पुरुष और महिलाएं दोनों ही करते हैं। शास्त्रीय नृत्य में कुचिपुड़ी सबसे प्रसिद्ध है। इसके अलावा प्राचीन समय से राज्य में कई नृत्य विद्यमान है जिनमें भामाकलापन, लंबाडी, बोनालू, धीमसा, कोलट्टम, बुर्रकथा आदि शामिल है।

आंध्र प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल (Major Tourist Places of Andhra Pradesh)

पर्यटन विभाग ने आंध्र प्रदेश को भारत का कोहिनूर कहा है। इस राज्य में कई धार्मिक तीर्थ स्थल है जिनमें सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थल भगवान वेंकटेश्वर तिरुपति का है। धार्मिक स्थलों के साथ इस खूबसूरत राज्य में कई ऐतिहासिक इमारतें, प्राकृतिक और समुद्री जगह पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती है। आंध्र प्रदेश के मुख्य पर्यटन स्थल कुछ इस प्रकार है:-

  1. तिरुपति बालाजी मंदिर

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में मौजूद यह मंदिर काफी लोकप्रिय है। इस मंदिर को तिरुमला वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर एक प्रमुख तीर्थ स्थल भी है यहां भगवान तिरुपति बालाजी को कई फिल्मी सितारे व राजनेता मानते हैं और उनके दर्शन करने जाते हैं।

  1. विशाखापट्टनम

विशाखापट्टनम आंध्र प्रदेश का मुख्य बंदरगाह है जो विजाग के नाम से भी जाना जाता है। इस शहर के चारों ओर सुंदर पहाड़ियां है। इसके पूर्वी हिस्से में बंगाल की खाड़ी है। इस शहर को लोग भाग्य का शहर के नाम से भी पुकारते हैं। इसके अलावा इसे पूर्वी समुद्री किनारे का गोवा नाम से भी जाना जाता है।

  1. विजयवाड़ा

आंध्र प्रदेश का विजयवाड़ा पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां कई ऐतिहासिक गुफाएं, कोंडा पल्ली फोर्ट, कनक दुर्गा मंदिर, भवानी प्रकाशम और गांधी पार्क जैसी मुख्य दर्शनीय स्थल हैं। जो इसे पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाते हैं। आपको बता दें, दक्षिण भारत का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन विजयवाड़ा ही है।

  1. चारमीनार

आंध्र प्रदेश का चारमीनार पर्यटकों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र है। दरअसल शहर के संस्थापक मोहम्मद कुली कुतुब शाह द्वारा शहर के बीचों-बीच एक चोकर आकार का विशाल भवन बनाया गया। इसे इसलिए बनाया गया था जिससे राज्य में फैली किसी महामारी से बचाव किया जा सके। इसकी मीनारें 48.7 मीटर ऊंची है।

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तो ऊपर दिए गए लेख में आपने जाना आंध्र प्रदेश का इतिहास और रोचक तथ्य (Andhra Pradesh History and Interesting Facts in Hindi), उम्मीद है आपको हमारा लेख पसंद आया होगा।

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Author:

Bharti
Bharti

भारती, मैं पत्रकारिता की छात्रा हूँ, मुझे लिखना पसंद है क्योंकि शब्दों के ज़रिए मैं खुदको बयां कर सकती हूं।