कविता संग्रह: प्रशांत राज

BEST HINDI POEM | BEST HINDI KAVITA
HINDI KAVITA | HINDI POEM

कोरोना वॉरियर्स को मेरा सलाम है

उन सारे कोरोना वाॅरियर्स को, मेरा दिल से सलाम है
देश के लिए जिन्होनें कर दिया सब कुछ कुर्बान हैं।।

घर-बाड़, सुख-चैन सब छोड़ जो कूद गये है, जीवन के इस जंग में,
डाॅक्टर, पुलिसकर्मी, जवान चाहे हो सफाईकर्मी, सब भींगे है एक ही रंग में
उन सबने मिलकर ये ठाना है, महामारी रूपी इस कोरोना को भगाना है।।

आओ हम सब मिलकर, इनका साथ निभायें
हम सारे भी कोरोना वाॅरियर्स है, ये दुनिया को बतलाये।

अधिक नहीं है कहना, बस घर के अन्दर ही है रहना
सामाजिक दूरी, साफ-सफाई, और सारे नियमों के पालन से
मिलकर हमें है, संक्रमण की कड़ी को तोड़ना।

युद्ध तो बहुत जीते हमने, अब इस कोरोना को भी हरायेगें
ये भारत है, हम भारतवासी, हर भारतवासी वाॅरियर्स बन जायेगें।

सेना ने भी फूलों की बारिश कर, उनका सम्मान बढ़ाया है,
जिन्होनें जीवन अपना दांव पर लगा कर, जन-जन को बचाया है।

भूलकर दर्द अपना देश के हमदर्द बन गये है जो,
पल-पल अपना देश को दिया, नींद-सुकून भूल गये है वो
उन सारे कोरोना वाॅरियर्स को, मेरा दिल से सलाम है
देष के लिए जिन्होनें कर दिया सबकुछ कुर्बान हैं।।

आँखें

न जाने ये आँखें क्या-क्या कर जाती हैं
जिसे होठों पर न ला पाते हैं, वो आँखें कह जाती हैं।

किसी की आँखो में प्यार होता हैं, तो किसी में इंतजार
कोई सपने संजोये हैं अपनी मंजिल की तलाश में।।

खुशीयों में चमक जाय, गम में आँसू बन छलक आये
जिंदगी का आइना बन, सही-गलत में फर्क समझाये
पर कभी-कभी ये खुद धोखा खा जाए।।

आँखों में बस प्यार ही प्यार भरा हो
सुंदर सुहानी सी संसार बसा ह़ो।

आँखों-आँखों में इशारा भी होता हैं, कोई
इसके चक्कर में बेचारा भी होता हैं।

ये आँखें न जाने कितनी पहेलियाँ में उलझाती हैं
जब सुलझ जाए तो नयी परिभाषायें गढ़ जाती हैं।।

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Author:

Prashant Raj

प्रशांत राज, धुरलख, समस्तीपुर, बिहार