HINDI KAVITA: जय जय श्रीराम

🙏🏼🌹जय जय श्रीराम🌹🙏🏼

श्री राम जय राम जय जय राम
वन को तब संग मै भाई लक्ष्मण
जीव जानकि संग हैं राम,

श्री राम जय राम जय जय राम
केवट को दिए दर्शन हो गये
उसके चारौ धाम।

श्री राम जय राम जय जय राम
शबरी को दिए दर्शन हो गया
जग में अमर नाम,

श्री राम जय राम जय जय राम
वन को पहूचे हर्षोल्लास से रूक
पाए पशु पक्षी और जानवर राम,

श्री राम जय राम जय जय राम
रावण ले गया माता जानकि
चारों दिशाओं घुझं सिते सिते राम

श्री राम जय राम जय जय राम
ढुडत ढुडत फिते जगंल मै भाई
लक्ष्मण और राम,

श्री राम जय राम जय जय राम
हो गये दर्शन हनुमान को आँखों
से रूकै नही आशू राम,

श्री राम जय राम जय जय राम
नाम के खातिर जला दी लंका
एक अकेले हनुमान राम,

श्री राम जय राम जय जय राम
ऊधार करो कलयुग का माता
जानकि भाई लक्ष्मण और श्री राम

श्री राम जय राम जय जय राम
आप कि लिला को लिख न पाऊ
मै प्राणी नादान राम

श्री राम जय राम जय जय राम
कोटी कोटी करू मै तुम्हें प्रणाम

कोटी कोटी करू मै तुम्हें प्रणाम।

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About Author:

चन्द्र प्रकाश रेगर (चन्दु भाई), नैनपुरिया
पो., नमाना नाथद्वारा, राजसमदं