HINDI KAVITA: सहारा

सहारा

राम जन्म भूमि पर
जब तक फैसला नहीं आया था,

मंदिर विरोधियों का
मन बहुत हर्षाया था।

तब उनके व्यंग्य बाण
खूब चलते थे कि
मंदिर वहीं बनायेंगे
तारीख नहीं बतायेंगे।

जब फैसला आ गया तब
कुछ साम्प्रदायिक तत्व
एक पक्ष को भड़काने का
असफल कुचक्र करते रहे,

बेचारे चिंदी चोर
अपना सा मुँह लेकर रह गये।
अब जब मंदिर निर्माण की
युद्ध स्तरीय तैयारी जारी है
पाँच अगस्त को
भूमि पूजन की तैयारी है,

अब नरेन्द्र मोदी की बारी है।
अब फिर मंदिर विरोधी बेचैन हैं
हाय दैय्या
अब हमारा क्या होगा?

हे राम जी
तुम्हारे बिना हमारी
राजनीति का क्या होगा?
वोटों की भड़काऊ नीति के बिना
हमें कौन पूछेगा?

ऊपर से मोदी के ब्रह्मास्त्र का
आखिर काट क्या होगा?
अब तो आप ही कुछ कर सकते हैं
मोदी को अयोध्या आने से
रोक सकते हैं।

मंदिर निर्माण स्थगित कराइये,
मोदी को मनाइये-समझाइए।
भूमि पूजन अभी होना अगर
इतना ही जरुरी है तो,
कोरोना पर पहले
अपने बाण चलाइये।

फिर भूमि पूजन
किसी रिक्शे वाले से कराइये।
आप तो भगवान हैं
आपका मंदिर बनने के लिए
भूमि पूजन का क्या काम है?
आप लोगों को भरमाइये,

भूमि पूजन का लफड़ा ही हटाइये
सीधे मंदिर निर्माण ही शुरू कराइये।
मोदी के आने से करोड़ो का खर्च
देश का बचवाइये।

हमारे दर्द पर मरहम लगाइये,
हमें भी अपनी शरण में लीजिये
हमारी राजनीति कैसे चले
कुछ उपाय सुझाइए।

हम भी आपकी शरण में हैं
आपसे अलग ही हम कहाँ है?
विरोधी कितना भी चिल्लायें
हम पर चाहे जितने आरोप लगायें,
हे प्रभु!बस आपका ही तो
एकमात्र सहारा है,

कोई कुछ भी कहे लेकिन
अब तो ‘जय श्री राम’ ही
हमारा एक अदद नारा है,
राम के बिना दुनियाँ में
दूजा नहीं सहारा है।

Read Also:
हिंदी कविता: कभी न होगी उन्नति
हिंदी कविता: लगता नहीं मेरा मन
हिंदी कविता: सब अपने ही भाई हैं
हिंदी कविता: कण कण में प्रभु
हिंदी कविता: धर्म-अधर्म

अगर आप की कोई कृति है जो हमसे साझा करना चाहते हो तो कृपया नीचे कमेंट सेक्शन पर जा कर बताये अथवा [email protected] पर मेल करें.

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...

About Author:

सुधीर श्रीवास्तव
शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल
बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002